मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) कैसे करें,मुनाफा, लागत, कमाई की संपूर्ण जानकारी |

Madhumakkhi Palan– मधुमक्खी का वैज्ञानिक नाम एपीस है जो की कीट वर्ग का प्राणी है | मधुमक्खी के द्वारा शहद की प्राप्ति होती है |

शहद क्या है ? तथा बनने की प्रक्रिया और गुण

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शहद एक प्राकृतिक मीठा स्वादिष्ट तत्व है | जो मधुमक्खियों के द्वारा बनाया जाता है | मधुमक्खियाँ फूलों के रस को चूसकर अपने छत्ते में इकठ्ठा करती हैं | फूलों के रस में ग्लूकोज और फ्रूक्टोज के समृद्ध मिश्रण की प्राकृतिक रूप से जमने की प्रक्रिया होती है। रस को परिस्थितिक सुखाने के लिए वनस्पतियों के तंतु और उसके अन्य तत्वों का उपयोग किया जाता है।

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इससे रस की आकृति बदल जाती है और शहद का निर्माण होता है। जिसमे औषधीय गुण पाए पाए जाते हैं | शाद में ग्लूकोज, फ्रक्टोज और बहुत सारे खनिज पदार्थों का मिश्रण पाया जाता है | आयुर्वेद में शहद को रोग प्रतिरोधक, गुणमान्य और उपचारक गुणों के लिए उपयोग किया जाता है।

शहद के सेवन से अल्सर, कफ, खांसी, और सर्दी जैसे रोगों के इलाज में मदद करता है | इसको त्वचा में लगाने से त्वचा में नमी बनाये रखता है और निखार लाने में सहायक होता है इसीलिए इसका उपयोग ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने में भी किया जाता है |

मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) क्या होता है |

मनुष्यों द्वारा शहद को एकत्रित करने की परंपरा शदियों से चला आ रहा है | पहले के समय में प्रकृति से निकालता था जो कि अब कृत्रिम रूप से निकाला जाता है | पहले के समय में ये एक औषधि का के रूप में प्रयोग किया जाता था परन्तु आज के समय में इसका उपयोग ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने में भी किया जा सकता है |

यह इम्युनिटी वर्धक के रूप में भी काम करता है | मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) में मधुमक्खियों को पाला जाता है जिससे शहद के साथ-साथ मोम की भी प्राप्ति की होती है | अब यह भी एक व्यापार के रूप में उभर रहा है |

मधुमक्खी पालन करने के लाभ (Benefits of Madhumakkhi Palan)

शहद में एक खाशियत होती है की वह कभी ख़राब नही होता है उसमे इतने औषधीय गुण होते हैं की उसमे कोई बैक्टीरिया या विषाणु में उसको नष्ट करने की क्षमता नही होती है, इसीलिए इसका उपयोग राष्ट्रिय और अंतराष्ट्रिय स्तर पर बहुत प्रचलित हो रहा है | मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) से सिर्फ शहद की प्राप्ति नही होती है |

इसमे शहद के साथ-साथ मोम, राँयल जैली की भी प्राप्ति होती है जिसका उपयोग औद्योगिक रूप में बड़े पैमाने पर किया जाता है | मधुमाखी पालन (Bee Keeping) करने से होने वाले कुछ लाभों के बारे में नीचे दिया गया है

  1. आमदनी बढ़ोत्तरी
  2. कम लगत में ज्यादा मुनाफा
  3. वातावरण के अनुकूल
  4. मानव स्वास्थ्य के लाभदायक
  5. बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार
  6. व्यापर में बढ़ोत्तरी
  7. अर्थव्यवस्था में सुधार

इसके बहुत से लाभ होते हैं जो किसानो के लिए लाभदायक होंगे

मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

किसी भी कम को करने से पहले आपको उस कम को करने की विधि के बारे में अवश्य पता होना चाहिए | जिससे आपको उसमे सफलता की प्राप्ति हो | अगर आप बिना जानकारी के ही कोई काम करेंगे तो आपको भारी नुकसान का सामना करना हो सकता है | आपको इसके बारे में जानकरी रखना बहुत जरूरी है कुछ जरूरी बिंदु नीचे दिया गया है –

  1. सबसे पहले मधुमक्खी के कटाने के डर से दूर हो जाये |
  2. मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) करने वाले व्यक्तियों से मिल कर बातें करें |
  3. अच्छी मधुमक्खी की प्रजाति के बारे में जानकारी होनी चाहिए |
  4. अनुकूल स्थान का चयन

मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) कैसे करें

मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) करने के लिए आपको जरूरी नही है कि पहले ही आप बड़े पैमाने पर करें शुरू में आप एक या दो बॉक्स से ही शुरू करें फिर ज्यादा बॉक्स में मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) करें | यह बॉक्स खरीदने के लिए आप पहले से मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) करने वाले किसानों से मिल कर अपने नजदीकी केंद्र या किसान से ही खरीद सकते है | इसको करने के लिए आपको ट्रेनिंग भी लेना पढ़ता है |

Madhumakkhi Palan

अगर आपके संपर्क में कोई अच्छा किसान है तो उसके मदद से भी आप शुरुआत कर सकते हैं | इसके लिए आपको व्यवहारिक जानकरी के लिए अपने क्षेत्र के किसानों से जानकरी प्राप्त कर ले जिससे आपको सफ़ल होने में मदद मिलेगी | इसमें भारतीय सरकार द्वारा सब्सिडी मिलाने की संभावना भी रहती है |

मधुमक्खी पालन के लिए ट्रेनिग (Training for Madhumakkhi Palan)

आपको ट्रेनिंग लेने के लिए बहुत से संस्था या फिर किसान हैं | इसके लिए आपको खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र भी उपलब्ध हैं | बेस्ट ट्रेनिग लेने के लिए हमारे दिए गए लिंक पर क्लिक कर के अधिक जानकारी प्राप्त करें |

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मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) के लिए उपयुक्त प्रजाति और समूह

आपको मधुमक्खी के प्रकार का चयन करना बहुत ही आवश्यक है | इसके लिए प्रमुख चार प्रकार की मधुमक्खियाँ की प्रजाति है जिनका उपयोग शहद, मोम तथा जैली प्राप्त करने में किया जाता है | वो प्रमुख प्रजाति के नाम निम्नलिखित हैं |

  1. एपीस मेलिफेरा (Apis Mellifera)
  2. एपीस दोस्तारा (Apis Dorsata)
  3. एपीस फ्लोरा (Apis Florea)
  4. एपीस सरना इंडिका (Apis Cerana indica)

जैसा की आप जानते है की मधुमक्खियाँ हमेसा समूह में रहती हैं | हम आपको बता दें की इस समूह में सिर्फ एक ही रानी मक्खी होती है और कुछ मक्खियाँ नर मक्खी तथा कुछ श्रमिक मक्खियाँ होती है | इसमे से सिर्फ रानी मक्खी ही प्रसव करने में सक्षम होती हैं श्रमिक मक्खियाँ श्रमिक मक्खियाँ प्रसव नहीं कर सकती हैं |

जिन मक्खियों को सही जेली का पोषण मिलाता है सिर्फ रानी मक्खी बन पाती हैं | इसमे से जो सभी मक्खियाँ रानी मक्खी के कहने पर चलती हैं | नर मक्खियाँ हमलावर होती हैं | जो केवल अपने और अपने छत्ते की रक्षा के लिए हमला करती हैं |

स्थान का चयन

ग्रामीण क्षेत्रो में यह देखा गया है की किसी छेड़ में भी मधुमक्खियाँ अपना छत्ता लगा लेती हैं परन्तु उन्हें कृत्रिम रूप से पालने में उनके अनुकूल स्थान का चयन करना होगा | आप जिस स्थान पर मधुमक्खी पालन (Bee Keeping) करना चाहते हैं उस स्थान पर नमी न हो वह जगह सूखी हो और उसके पास में पेड़ अधिक मात्र में हों | आप चाहे तो पास में ही फूल की भी कर लें |

जिससे मखुम्क्खी अपना रस आसानी से प्राप्त कर सके और आप भी फूल बेच कर भी मुनाफा प्राप्त कर सकें | अगर हो सके तो ऐसे स्थान का चयन करें जहाँ फलों के पेड़ ज्यादा हो क्योंकि मधुमक्खियाँ ज्यादातर मीठे फलों के फूलों का रस ग्रहण करती हैं |

आवश्यक सामग्री
bee keeping

ट्रेनिंग और व्यवहारिक जानकारी के बाद आपको किसी भी काम को करने के लिए उपयुक्त सामान की आवश्यकता होती है जिसकी सहायता से आप मधुमक्खी पालन (Madhumakkhi Palan) सुगम होगा | कुछ महत्वपूर्ण सामग्रियों को नीचे लिखा गया है जो निम्नवत हैं |

  1. मधुमक्खी बॉक्स
  2. मधुमक्खी के छत्ते
  3. मधुमक्खी का समूह
  4. मधुमक्खी चाहक
  5. मधुमक्खी वस्त्र
  6. स्टील की चाकू
  7. मधुमक्खी किसान गंध
  8. पोलिनेशन स्रोत

१. मधुमक्खी बॉक्स :- इसमे मधुमक्खियों का सम्पूर्ण समुदाय रहता है | इसमे मधुमक्खियों के रहने के लिए उचित तापमान बना रहता है |

२. मधुमक्खी के छत्ते :- इसमे मधुमक्खी का छत्ता रहता है जिसमे मधुमक्खी अपना प्रसव और शहद रखती है |

३. मधुमक्खी का समूह :- ये मधुमक्खी पालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण है | जिसके बिना शहद बनना नामुनकिन है |

४. मधुमक्खी चाहक :- मधुमक्खी पालक के लिए सुरक्षा बहुत आवश्यक है | यह एक कीटनाशक है जो किसानों को मधुमक्खियो के काटने से बचाता है |

५. मधुमक्खी वस्त्र :- मधुमक्खी पालको के लिए वस्त्र की आवश्यकता होती जिससे उनकी सुरक्षा बनी रहे जिसमें हैण्डवियर ग्लव्स और बूट्स भी आते हैं |

६. मधुमक्खी किसान गंध :- यह एक धुँआ देने वाला उपकरण है जिसकी सहायता से मधुमक्खियों को बॉक्स में से आसानी से बहार निकला जा सकता है |

७. पोलिनेशन स्रोत:- मधुमक्खियों को शहद बनाने के लिए नेक्टार तथा पोलिन की आवश्यकता होती है जो फूलों से प्राप्त होती है | जिसके लिए फूलों का अच्छा स्रोत होना चाहिए |

मधुमाखी पालन (Madhumakkhi Palan) की लागत तथा मुनाफा

मधुमक्खी के पालन के लिए २० बॉक्स के पैमाने से लगभग ५६००० तक लग सकता है जिसमें छत्ते का खर्च 40000 , बॉक्स का खर्च 7000 तथा लगभग 4500 में अन्य सामग्री सामिल हैं | ये एक आकड़ा है जो हर क्षेत्र में अलग अलग हो सकता है |

इसमे आपको पहले साल में अपनी लगत से कम पैसा मिलेगा २० बोक के पैमाने से पहले साल में लगभग आपको 40 से 45 हजार रूपये का मुनाफा हो सकता है | यह शहद मोम और जैली की कीमत पर निर्भर हो सकता है |