जानिए क्या है इंटीग्रेटेड फार्मिंग | (Integrated Farming System in Hindi) इससे किसान कर रहे हैं अच्छी कमाई |

Integrated Farming System in Hindi-दोस्तों आज आप इस इस ब्लॉग के माध्यम से जानने वाले हैं कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्या होता है ?, इसको करने से क्या-क्या लाभ हो सकते हैं ?, इसको करने में लागत कितनी लगेगी और मुनाफा भी कितना होगा | तो आप सभी इन सब को विस्तार से जानने के लिए हमारे इस पूरे पोस्ट को ध्यान से पढ़ें जिससे आपको अपनी कृषि में अत्यधिक मुनाफा मिल सके |

जैसा कि हमें तथा आपको भी मालूम ही होगा कि भारत शुरू से ही एक कृषि प्रधान देश है परंतु भारत अभी चीन देश से पीछे ही है | जबकि भारत में लगभग 58 प्रतिशत भू-भाग पर खेती की जाती है |

वही चीन में लगभग 50 प्रतिशत जमीन पर ही खेती की जाती है |भारत एक कृषि प्रधान देश होने के बावजूद भी आज भी पूरे विश्व में कृषि के क्षेत्र में चौथे स्थान पर आता इसका सबसे बड़ा कारण है कि भारत किसानों के द्वारा अपनी खेती में कुछ नया न करना सदियों से चली आ रही पारंपरिक कृषि पर आधारित रहना और आधुनिक कृषि की ओर न अग्रसित होना |

भारत में लगभग 49 प्रतिशत लोग अपने रोजगार के लिए कृषि पर ही आधारित हैं तो तो क्यों ना एक ऐसी ही कृषि की जाए जिसमें किसानों को अभी अधिक फायदा हो | इससे हमारे किसानों के साथ-साथ अपने देश की भी अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी |

इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्या होता है ? Integrated Farming System in Hindi

इंटीग्रेटेड फार्मिंग एक ऐसी तकनीकी है जिसमें किसान अपने मुख्य फसल के साथ-साथ मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम, सब्जी, मशरूम की खेती, फल,आदि को एक साथ एक ही जमीन में और कम स्थान में कर सकते हैं | इस कृषि प्रणाली में एक घटक के अपशिष्ट पदार्थो को दूसरे घटक के उपयोग में लाया जाता है तथा उससे ही इंटीग्रेटेड फार्मिंग की जाती है |

Integrated Farming System in Hindi

जैसा की आपको पता ही होगा की भारत की जनसँख्या पूरे विश्व में प्रथम स्थान पर हो गयी है तो जाहिर सी बात है कि भारत में कुछ सालों में कृषि योग्य जमीन की भी कमी होगी तथा खाद्य संसाधनों की मांग में वृद्धि होगी | इसका सबसे अच्च्छा उपाय इंटीग्रेटेड फार्मिंग है इसके लिए कम जमीन आवश्यकता होती है इसी किसानों के साथ का लाभ में भी वृद्धि होगी तथा भारत के लोगों की जरूरत की पूर्ति करना भी आसान हो जाएगा |

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इंटीग्रेटेड फार्मिंग को एक उदाहरण के माध्यम से समझाने का प्रयास करते हैं

आपको हम इस उदाहरण के माध्यम से किसी छोटे या सीमांत किसान के बारे में बताने वाले हैं जिसके पास लगभग 5 एकड़ जमीन ही है वह हर साल इसमें पारंपरिक कृषि कर रहा है जिसमें वह हर वर्ष अपने खेत में धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, बाजरा आदि ही लगता है उसे इससे उसकी आमदनी लगभग 1.5 से 3 लाख रुपए ही होती है लेकिन वह पारंपरिक खेती को छोड़कर अगर 1 एकड़ में बागवानी करें |

1 एकड़ में मछली पालन के लिए तालाब बनवा दे तथा इसी1 एकड़ के तालाब के ऊपर पिलर की सहायता से जाली नुमा एक ऐसा सेट तैयार करें जिसमें मुर्गियों को या फिर बकरियों को पाला जा सके है तथा लगभग आधे एकड़ में गाय का पालन करें तथा बाकी बचे खेत में मधुमक्खी पालन और धान गेहूं मक्का बाजार जैसे आज पारंपरिक खेती करें |

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इंटीग्रेटेड फार्मिंग में मछली पालन के साथ मुर्गी पालन तथा बकरी पालन करना ज्यादा लाभदायक होगा क्योंकि जो क्योंकि मछलियों के लिए के लिए भोजन मुर्गियों के अपशिष्ट पदार्थ जैसे उनके मल मूत्र मिलता रहेगा |

Integrated Farming System in Hindi

जब आप तालाब के ऊपर जाली नुमा सेट तैयार कर देंगे तो आपको मुर्गियों या बत्तखों तथा बकरियों के मॉल मूत्र को हटाने में मेहनत तथा पैसे भी खर्च नही होंगे और मछलियों को भोजन भी मिलाता रहेगा | साथ-साथ आप बत्तख पालन भी कर रहे हैं तो तालाब में बत्तखों के तैरने से मछलियों को आक्सीजन मिलेगा और मछलियाँ जितना ज्यादा भाग दौड़ करेंगी उतना ज्यादा उनकी वृद्धि होगी |

इंटीग्रेटेड फार्मिंग में पानी की आवश्यकता

इंटीग्रेटेड फार्मिंग में पानी की उपलब्धता होना बहुत जरूरी है इसके लिए आप अपने खेत के जमीन में ही एक तालाब बना दें जिससे आपको कई लाभ होंगे-

  • प्रथम- अपनी खेती के की सिंचाई के लिए पानी भरपूर मात्रा मिल जाएगा
  • द्वितीय- मछली पालन हो जाएगा
  • तृतीय- पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बरकरार रहेगी
  • चतुर्थ- तालाब के ऊपर आप जलीनुमा सेट में मुर्गी पालन या बकरी पालन कर सकेंगे |
  • पंचम – तालाब में आप बत्तख को छोड़ सकते हैं |

इंटीग्रेटेड फार्मिंग में पानी की बचत के साथ मुनाफा भी कैसे कमायें

इसके लिए आपको अपने खेत में ही एक छोटा सा तालाब बना लेना है जिसमें आपको मछली के बच्चे डाल देना है तथा उसके ऊपर ही जाली नुमा सेट लगाकर बकरी पालन या फिर मुर्गी पालन करना है तथा साथ ही में बत्तख पालन भी कर सकते हैं |

इसी के साथ में तालाब के चारों तरफ फलदार पौधे या लताओं वाले पौधे जैसे- अमरुद, लीची, आम, सब्जियां अपने जगह के अनुसार से लगा दें | इससे आपके तालाब के चारो ओर की जमीन ज्यादा पानी अवशोषित नही करेगी तथा आपके पौधों को पानी पर्याप्त मात्र में मिलता रहेगा तो आपके पौधों की अच्छी वृद्धि भी होगी |

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जानिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग से ज्यादा आमदनी कैसे प्राप्त करें

इंटीग्रेटेड फार्मिंग में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए आप गायों का गौशाला बना सकते हैं जिसमें आप गाय, भैंस तथा बकरी पालन कर सकते हैं | जब आप इंटीग्रेटेड फार्मिंग करेंगे तो आप सब्जियां और पेड़ पौधे भी लगाए | जिससे खराब सब्जियां, पेड़ पौधों के पत्ते, खरपतवार आदि उत्पन्न होंगे जो की गाय-भैसों तथा बकरियों के उपयोग में आएगा |

जब गाय-भैंस या बकरियां गोबर करेंगी तो उस गोबर का इस्तेमाल से आप वर्मी कंपोस्ट भी तैयार कर सकते हैं जिसके द्वारा आप अपने खेतों को अधिक उपजाऊ बना सकते हैं या फिर वर्मी कंपोस्ट को मार्केट में पैक करके बेच कर सकते हैं जिससे आपको अत्यधिक मुनाफा मिलेगा | जब आप इंटीग्रेटेड फार्मिंग में मुर्गी पालन, बत्तख पालन या मछलियों को पलते हैं तो मुर्गियों के द्वारा अंडे और मांस प्राप्त होते हैं और मुर्गियों के अपशिष्ट मांस को मछलियों के खाने में उपयोग होगा |

इससे मछलियाँ जल्दी वृद्धि करेंगी और बेचने योग्य जल्दी तैयार होंगी जिनको आप बाजार में बेचकर सकते हैं | आप मछलियों के बच्चो की नर्सरी भी तैयार कर सकते हैं | और इससे भी अपनी आमदनी का जरिया बना सकते हैं |

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इंटीग्रेटेड फार्मिंग करने के लाभ
  • हमारे देश भारत की पारंपरिक कृषि प्रणाली में एक समस्या जरूर है कि इसमें किसी फसल में फायदे की कोई गारंटी नहीं होती क्योंकि यहां मौसम का रूप बदलने पर फसल खराब भी हो जाती हैं ऐसे में कृषि की फसल नहीं बल्कि अपने पारंपरिक कृषि करने का तरीका बना बदलना चाहिए इसके लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा आधुनिक कृषि पर निर्भर होना होगा | तभी भारतीय किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलेगा |
  • इंटीग्रेटेड फार्मिंग के द्वारा हम पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचा सकते हैं क्योंकि पारंपरिक कृषि में बहुत सी उर्वरक और दवाइयां का इस्तेमाल होता है जो की इंटीग्रेटेड फार्मिंग में बहुत कम हो जाएगा क्योंकि इंटीग्रेटेड फार्मिंग बहुत कम जगह में होती है और इसमे उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट पदार्थो को दूसरे घटक के उपयोग में ले लिए जाते हैं |
  • इंटीग्रेटेड फार्मिंग में बाजार की माहौल के अनुसार पैसे कमा सकते हैं |
  • आधुनिक तकनीक द्वाराआप अपने पशुओं के चारे और उनके भोजन में होने वाले खर्च को कम कर सकते हैं |
  • इंटीग्रेटेड फार्मिंग से आप 2 से 4 लाख प्रति महीने की जा सकती है और सबसे बड़ी बात है किसी इंटीग्रेटेड फार्मिंग हमें आश्वस्त करती है उन खर्चों और भविष्य के नुकसान से भी क्योंकि हम पहले से भी उनसे निपटने का इंतजाम कर लेते हैं |
  • इंटीग्रेटेड फार्मिंग किसान को समृद्धि देने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रोजगार देने के काबिल बनाता है | क्योंकि अगर कोई व्यक्ति इतने बड़े पैमाने पर इंटीग्रेटेड फार्मिंग कर रहा है उसे बड़े स्तर पर काम भी करना होगा या फिर करवाना पड़ेगा इसके लिए उन्हें मजदूरों की जरूरत पड़ेगी जिससे वहां के लोगों पर को रोजगार की प्राप्ति होगी |

इंटीग्रेटेड फार्मिंग में लागत और मुनाफा

अगर को व्यकित 5 एकड़ खेती कर रहा है तो वह पारम्परिक कृषि में लगभग 2 से 3 लाख का ही मुनाफा कर सकता है | रही बात इस खेती में लागत की तो वो आप पर निर्भर कर सकता है की आप कौन कौन से खेती करे रहे हैं या फिर कौन कौन से पशुओं को या पक्षियों का पालन कर रहे हैं | अगर आप मेरे बताये हुए सभी प्रकार के तरीको का इंटीग्रेटेड फार्मिंग कर रहे हैं तो आपकी लागत लगभग 8 से 10 लाख हो सकती है | परन्तु मुनाफा इसमे पारम्परिक कृषि से 5 से 6 गुना अधिक ही होगा |

जरूरी नही है की आप इतने बड़े पैमाने पर ही इसको शुरू करें आप इंटीग्रेटेड फार्मिंग (Integrated Farming System in Hindi) को बहुत ही छोटे स्तर से भी शुरू कर सकते हैं जिसको आप अपने मुनाफे के बाद बड़े तौर पर भी कर सकते हैं |

आशा करता हूं कि आपको यह इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर आधारित ब्लॉग पसंद आया हो फिर भी आपको यह ब्लॉक कैसे लगा कैसा लगा कमेंट में जरूर बताएं तथा ऐसे ही आधुनिक कृषि से संबंधित जानकारी के लिए हमारी निजी वेबसाइट पर विजिट करें |

🙏धन्यवाद 🙏

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