ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) कैसे करें, लाभ, लागत तथा मुनाफा की सम्पूर्ण जानकारी |

आज हम आपको ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के बारे में बताने वाले है | हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से पता चलेगा की ड्रैगन फ्रूट क्या हैं ?, इसके लाभ क्या हैं ?, इसकी खेती कैसे करें , लागत तथा मुनाफे की सम्पूर्ण जानकारी |

परिचय

ड्रैगन फ्रूट एक फल है जो की अपने औषधीय गुण के कारण बहुत चर्चित हो रहा है | भारत में इसे पिताया नाम से जानते हैं | इसका वैज्ञानिक नाम हिलोकेरेस अंडटस है | यह भारत में एक नया फल है जिसके बारे में ज्यादा लोगो को जानकारी नही है परन्तु विदेशों में इसकी बहुत डिमांड है | यह एक अमेरिकी फल है जिसको थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका, इजराइल में बहुत अधिक मात्र में उगाया जा रहा है |

यह विटामिन और मिनिरल्स से भरपूर है जिसके कारण भारत में भी इसकी बहुत डिमांड हो रही है | यह फल नागफनी की प्रजाति है | जो की बहर से गुलाबी रंग का दिखता है इसके अन्दर से सफ़ेद या गुलाबी रंग का गुर्दा पाया जाता है यह एक मीठा और और अपने पोषक तत्वों से भरपूर होता है | इसके अन्दर भी किवी की तरह ही बीज पाए जाते हैं | अब इसका इस्तेमाल बहुत सी फ़ूड सामग्री बनाने में औद्योगिक स्तर पर किया जा रहा है |

इसके इस्तेमाल से बहुत सी बीमारियों से लड़ने में सहायता मिल रही है | भारत में यह देखा जाता है की किसी के घर में अगर कोई व्यक्ति बीमार है तभी उसे फल खिलाया जाता है अगर इस फल का सेवन कोई व्यक्ति रोज करे तो सायद उसे डाक्टर के पास नही जाना पड़ेगा | यहीं भारत के किसान भाई भी अपनी पारंपरिक कृषि के साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) करें तो उन्हें बहुत ज्यादा मुनाफा मिलेगा |

Dragon Fruit ki Kheti

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ड्रैगन फ्रूट का सेवन करने से होने वाले लाभ

ड्रैगन फ्रूट में बहुत से विटामिन, मिनिरल्स तथा कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कि किवी से कई गुना ज्यादा होते हैं | जिसके कारण ये फल बहुत सी बिमारियों से लड़ने में मदद करता है कुछ बिमारियों में के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है जिसमें ये लड़ने में सहायता करता है |

१. मधुमेह में लाभकारी :- मधुमेह को डायबटीज तथा शुगर के नाम से भी जाना जाता है यह एक भयंकर बीमारी है जो ज्यादातर मोटे लोगों में अवश्य होता है | इसा फल में पाए जाने वाले नेचुरल एंटीआक्सीडेंट के अलावा फेनोलिक एसिड, फाइबर, फ्लेवोनोइड तथा एस्कार्बिक एसिड की प्रचुर मात्रा शरीर के खून में की मात्रा बढ़ने से रोकते हैं | अतः हमारी सलाह यही है की मधुमेह के शिकार हो चुके व्यक्ति ड्रैगन फ्रूट का अवश्य ही सेवन करें |

२. कैंसर में लाभकारी :- कैंसर एक बहुत ही खतरनाक रोगों में से एक है जिसका अभी तक कोई भी सटीक इलाज नही मिल पाया है | ड्रैगन फ्रूट में पाए जाने वाले एंटीआक्सीडेंट, एंटीट्यूमर तथा एंटी इन्फ्लेमेटरी महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैन्सर होने के खतरे को कम करते हैं |

३. इम्युनिटी बढ़ाने में लाभकारी :- हमारे शरीर की इम्युनिटी हमारे शरीर में उत्पन्न होने वाले रोगों से लड़ने में मदद करता है | ड्रैगन फ्रूट एक अच्छा इम्युनिटी वर्धक है , जिसमें बहुत से विटामिन, मिनिरल्स, एंटीआक्सीडेंट और पोषक तत्व पाए जाने के कारण यह इम्युनिटी को बहुत जल्द बढ़ा देता है | कोरोना काल में यह अपने इसी गुण के कारण ज्यादा चर्चा में आया |

४. हृदय सम्बन्धी समस्या में लाभकारी :- ह्रदय हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है | आज के समय में बहुत से लोगों में ह्रदय सम्बन्धी रोग आ गए हैं | इसमे शरीर में आक्सीडेटिव स्ट्रेस की मात्रा बढ़ जाती है जिसको कम करने के लिए ड्रैगन फ्रूट बहुत जरूरी है |

५. कोलेस्ट्राल में लाभकारी :- आज के समय में ज्यादातर लोगों में कोलेस्ट्राल बढ़ जाता है इसके कारण बहुत सी बीमारियाँ आती हैं | इससे भी ह्रदय सम्बन्धी बीमारियाँ भी आती हैं | कोलेस्ट्राल अंडा खाने से भी होता है | अगर आपको कोलेस्ट्राल की समस्या है तो आप कड़कनाथ मुर्गी के अंडे का सेवन करें जिसमें कोलेस्ट्राल और वसा ना के बराबर पाया जाता है और प्रोटीन बाजार के अण्डों के मुकाबले ४ से ५ गुना ज्यादा मात्रा में पाया जाता है |

६. डेंगू में लाभाकरी :- डेंगू एक ऐसी बीमारी है जो कि वायरस के कारण होती है पर मच्छरों के द्वारा फैलती है | कभी-कभी तो यह भी महामारी का रूप ले लेती है | इसमें हमारे शरीर के अंग बहुत तेजी से प्रभावित होने लगते हैं | ड्रैगन फ्रूट में बहुत से एंटीवायरल और एंटीआक्सीडेंट गुण होते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद करती है |

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ड्रैगन फ्रूट की खेती ((Dragon Fruit ki Kheti)) कैसे करें

कोरोना काल के बाद भारत में भी बहुत सी जगहों पर ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) होने लगी इसकी खेती किसी भी उपजाऊ मिट्टी में की जा सकती है जिसमें जल भराव न हो क्यों कि इसके लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती | इसके लिए 6 से 7 PH मान की मिट्टी आवश्यक होती है |

Dragon Fruit ki Kheti

इसकी अच्छी वृद्धि लगभग २५ से ४० डिग्री तापमान पर होती है | इसकी खेती ऐसे जगह पर गरे जहाँ का वातावरण गर्म हो जिससे इसके फल भी अच्छे से विकास कर पाते हैं | भारत में ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में की जाती है |

ड्रैगन फ्रूट की प्रमुख किस्में

किसी भी फसल के लिए सबसे जरूरी काम होता है उसकी उस फसल की किस्म के बारे में जानकारी रखना | उसी प्रकार ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण पहलू है क्योकि इसकी फसल तो 20 से 25 वर्ष की होती है |

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के लिए भारत में ड्रैगन फ्रूट की ३ किस्में ज्यादा प्रसिद्ध हैं जिनको उनके वर्ण के आधार पर पहचाना जा सकता है परन्तु इनके पौधों की संरचना लगभग एक जैसे ही रहती है | तीनों किस्मों के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है | ड्रैगन फ्रूट के पौधे कलम विधि द्वारा लगते हैं जो की जल्दी तैयार हो जाते हैं परन्तु बीज विधि वाला पौधा बहुत ज्यादा समय में तैयार होता है |

१. गुलाबी ड्रैगन फ्रूट :- यह ड्रैगन फ्रूट बाहर और अन्दर से गुलाबी रंग का होता है | यह खाने में अधिक स्वादिष्ट होता है | इसकी बाजार में अच्छी कीमत मिल जाती है |

२. पीला ड्रैगन फ्रूट :- यह ड्रैगन फ्रूट अंदर से सफ़ेद तथा बाहर से पीले रंग का होता है | यह अन्य ड्रैगन फ्रूट के मुकाबले ज्यादा महंगा होता है |

३. गुलाबी ड्रैगन फ्रूट :- यह ड्रैगन फ्रूट भी गुलाबी रंग का दिखता है यह अन्दर से सफ़ेद होता है | यह सबसे सस्ता ड्रैगन फ्रूट होता है |

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के लिए खेत की तैयारी

किसी भी खेती के लिए खेत तैयार करना सबसे जरूरी काम होता है | वैसे ही ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के लिए भी करना होता है परन्तु कुछ अलग तरीके से करना होता है | इसके खेत में सबसे पहले मिट्टी पलट हल से गहरी जुताई करनी चाहिए | इसमे मौजूद सभी खरपतवार को अच्छे से नष्ट कर देना चाहिए |

इसके बाद खेत में नमी के लिए पानी भर देना चाहिए इसके बाद खेत को पानी सूख जन एके बाद अच्छे से रोटावेटर से जोत लेना चाहिए जिससे मिट्टी अच्छे से भुरभुरी के साथ साथ-साथ खेत समतल भी हो जाये | इसके बाद खेत में द्रैअगना फ्रूट के पौधे लगाने के लिए 1.5 फीट गहरे और 2 फिट त्रिज्या वाले गड्ढे तैयार कर लेना चाहिए ध्यान रखें की गड्ढे एक पंक्ति में हों | इनके बीच की दूरी लगभग 4 मीटर रखें |

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गड्ढों में उचित मात्र में जैविक खाद डाल देना चाहिए जिसमे आपको १० से १५ किलो गोबर की खाद के साथ ५० से ७० किलो एन पी के को मिट्टी के साथ मिलाकर गड्ढे में डाल देना चाहिए | इसमे ज्यादा रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं होता है |

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के लिए खम्भों को तैयार करने का तरीका
dragon fruit farming

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के लिए एक सपोर्ट की आवश्यकता होती है जिसके सहारे वो खड़ा रहता है इसके लिए कुछ लोग लकड़ी की भी सहायता लेते है परन्तु इसकी फसल २० से २५ साल की होती है तो लकड़ी कम समय में ही ख़राब हो जाती है | इसलिए सीमेंट के खम्भे ज्यादा बनाना ज्यादा अच्छा रहेगा इसके लिए ७ से ८ फीट लम्बे खम्भों को तैयार कर लेना चाहिए | और इसके चारो ओर पौधे लगा दें |

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के लिए सही समय तथा रोपाई करने का समय

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) के लिए कलम तथा बीजों का दोनों का प्रयोग किया जाता है ज्यादातर लोग कलम विधि का ही प्रयोग करते हैं जिसे तैयार होने में कम समय लगता है | इसको पैदावार देने में लगभग 1 से २ वर्ष का समय लगता है वहीं बीज के द्वारा रोपाई करने में लगभग ३ साल का समय लग जाता है |

ड्रैगन फ्रूट ली रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त समय जून से जुलाई का होता है | इसको तैयार गड्ढो में में सपोर्टिंग सिस्टम लगाने के बाद सपोर्टिंग सिस्टम के चारों ओर चार पौधे लगाने चाहिए | इसकी रोपाई फरवरी से मार्च तक की जा सकती है | इसमे १ हेक्टेयर में लगभग ४५०० पौधों की रोपाई की जा सकती है | और एक एकड़ में लगभग 2800 पौधे लगते हैं |

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ड्रैगन फ्रूट के पौधों की सिचाई

Dragon Fruit ki Kheti- ड्रैगन फ्रूट के लिए ज्यादा सिचाई की आवश्यकता नहीं होती है इसके लिए बहुत कम पानी की आवशयकता होती है | इसकी सिचाई लगभग 14 से 15 दिन में करनी चाहिए ज्यादा सिचाई करने से इसमे कई प्रकार के रोग आने लगते हैं जैसे कि ज्यादा सिचाई से इसकी जड़ें सड़ने लगाती हैं | जब पौधों में फूल का आना शुरू हो जाये तो खेत में पानी न दें तथा फल बनाने के दौरान नमी बनाये रखें | इससे आपको अच्छी गुणवत्ता वाले फल की प्राप्ति होगी | इसकी सिचाई के लिए ड्रिप विधि सर्वोत्तम मानी जाती है |

खरपतवार नियन्त्रण

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) में खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई-गुड़ाई की करनी होती है | इसकी पहली गुड़ाई पौधे रोपने के एक महीने के बाद होती है | इसके पश्चात खरपतवार दिखाई देने पर करें | इसमे खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई-गुणाई ही करनी | रासायनिक दवाइयों का इस्तेमाल न करें |

रोग नियंत्रण

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) में कोई खास रोग नहीं पाया गया | जब इसके फल को तोड़ा जाता है तो इसके पौधों में से एक रस निकालता है जिसमे चीटियाँ लग जाती हैं जिसके लिए नीम के तेल का प्रयोग करना ज्यादा ज्यादा उपयोगी होता है | इसमे रासायनिक दवाइयों का प्रयोग बहुत कम होता है इसकी खेती लगभग पूरी जैविक खेती पर आधारित होती है |

ड्रैगन फ्रूट की हार्वेस्टिंग

ड्रैगन फ्रूट के प्लांट लगने के बाद लगभग २ साल में फल का उत्पादन होना शुरू हो जाता है | इसके पौधे में मई के महीने में फूल आ जाते हैं जो कि दिसंबर के महीने में तैयार हो जाते | शुरू में ये हरे रंग के होते हैं जब ये फल गुलाबी हो जाएँ तो इसे तोड़ लेना चाहिए | इसे तोड़ने के लिए प्लांट कटर का पयोग ज्यादा अच्छा होगा |

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) में लागत

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) में पहले साल में ही ज्यादा लागत लगेगी जिसमें खेत की जुताई, ड्रैगन फ्रूट के पौधे तथा सबसे ज्यादा पैसा ड्रैगन फ्रूट की खेती (dragon fruit farming) के लिए सपोर्टिंग सिस्टम में लगेगा एक हेक्टेयर के अनुसार लगभग 150 से 2 लाख तक खर्च आएगा तथा दूसरे साल से सिर्फ फसल की निराई-गुड़ाई का खर्च होगा |

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ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) में उत्पादन तथा कीमत

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) में एक हेक्टेयर में लगभग ४०० से ५०० किलो का उत्पादन पहली फसल में हो जाता है | जब पौधा ५ से ६ वर्ष का हो जाता है तो लगभग १० से ले कर १५ टन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर होने लगता है | ड्रैगन फ्रूट के एक फल का का वजन ४०० से १२०० ग्राम तक होता है |

इसकी कीमत मार्केट में 200 से 300 रुपये पर पीस तक होता है | इसकी पहली फसल में कम उत्पादन होता है | इसके पहली उत्पादन में 60000 से 1.5 लाख तक की कमाई हो सकती है | इसकी खेती 20 से 25 वर्ष की होती है जिसमें हर साल उत्पादन की कमाई लगभग एक हेक्टेयर में 25 से 30 लाख प्रति वर्ष आराम से हो सकती है |

ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) करना भारतीय किसानों के लिए बहुत लाभकारी होगा इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सिधार आएगा तथा अगर ड्रैगन फ्रूट की खेती (Dragon Fruit ki Kheti) बड़े पैमाने पर की जाये तो भारत से इसका निर्यात भी होगा जिससे अपने देश की भी आर्थिक स्थिति में भी बढ़ोत्तरी होगी |