Adarak ki kheti- अदरक की खेती कैसे करें | कमाई तथा लागत |

अदरक के बारे में जानकारी

Adarak ki kheti- अदरक यानि की Ginger एक मसाला है, जो कि सभी घरों की रसोई घर में आसानी से देखने को मिल जाता है | अदरक का उपयोग सदियों से घरेलू उपचार और मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है |

अदरक आलू की तरह एक भूमिगत तना वाली फसल है | आज के समय में अदरक का उपयोग चाय, सब्जी और कारखानों में बड़े लेवल पर औषधियां तैयार करने में किया जाता है |

इसका उपयोग खासी और सर्दी के इलाज में किया जाता है | इन्ही सब गुणों के कारण अदरक की मार्केट में हमेशा मांग बनी रहती है और सर्दियों में इसकी मांग ज्यादा रहती है | इसका भाव भी हमेशा ज्यादा ही रहता है | अगर आप भी पारंपरिक कृषि के अलावा अपनी खेती में ज्यादा अधिक मुनाफा कमा कर अपने परिवार की स्थिति सुधारना चाहते हैं तो आप भी अदरक की खेती (Adarak ki kheti) कर सकते हैं |

अदरक का उपयोग और फायदे

  1. भारत में ही नहीं पूरे विश्व में अदरक का उपयोग मसालों के रूप में बहुत बड़े तौर पर किया जाता है |
  2. अदरक का उपयोग आयुर्वेदिक टॉनिक और दवाइयों को बनाने में किया जाता है |
  3. अदरक का उपयोग खासी और सर्दी के इलाज में किया जाता है |
  4. यह कैंसर जैसे भयानक रोगों से बचने के लिए भी उपयोग किया जाता है |
  5. अदरक के इस्तेमाल से पेट दर्द, ऐठन, कब्ज, गैस की समस्या में राहत मिलाती है |
  6. अदरक के प्रयोग से मासिक धर्म में राहत और मांसपेशियों के सूजन में राहत मिलती है |
  7. अदरक में बहुत से एक्सीडेंट और न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो कि आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है
  8. अदरक के इस्तेमाल से आपके शरीर में इंसुलिन की मात्रा भी बढ़ती है | जिससे आपके शरीर का शुगर नियंत्रित रहता है |
  9. अदरक आपके शरीर में लिपिड को नियंत्रित करता है साथ ही बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में सहायता करता है |
  10. अदरक में बहुत से एंटीआक्सीडेंट और न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं जो कि आपके शरीर की प्रतिरोधक(Immunity) क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है |
  11. अदरक में एंटीमाइक्रोबियल गुण अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं जो कि आपके शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं |
  12. अदरक के सेवन से त्वचा में होने वाले दाग की मुहासे से छुटकारा मिलता है |
  13. अदरक का सेवन करने से बालों के झड़ने की समस्या कम होती है |

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) से सम्बंधित जानकारी

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) पूरे विश्व में भारत में सबसे ज्यादा की जाती है | भारत में सन 2018 में 28 लाख टन से भी ज्यादा अदरक की खेती की गई थी | जो कि पूरे विश्व में अकेले भारत का उत्पादन 32% था भारत के बाद दूसरे स्थान पर चीन अदरक का उत्पादन करने वाला देश है |

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) के लिए गर्म और आर्द्रता वाले स्थानों की आवश्यकता होती है | भारत में अदरक की खेती  करने वाले प्रमुख प्रदेश कर्नाटक, अरुणाचल, उड़ीसा, असम और गुजरात है | जहां पर अदरक की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है |

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Adarak ki kheti

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) के लिए जलवायु

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु वाले स्थान की आवश्यकता होती है | इसकी बुवाई से पहले हल्की बरसात की आवश्यकता होती है |

जिससे उसमें उपस्थित गांठ उगने के लिए तैयार हो जाए और बुवाई के बाद उसके पौधों की वृद्धि के लिए थोड़ी ज्यादा वर्षा की जरूरत होती है तथा इसकी खुदाई के माह के पहले सूखे मौसम की वातावरण की जरूरत होती है | अदरक की खेती (Adarak ki kheti) के लिए जिन क्षेत्रों में 1500 से 1800 मिलीमीटर वार्षिक वर्षा हो जाए |

उस क्षेत्र में इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है | इसकी खेती के लिए जल निकास वाली क्षेत्र की आवश्यकता होती है और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेंटीग्रेड और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेंटीग्रेड की आवश्यकता होती है |

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अदरक की उन्नत किस्में

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) के लिए अलग-अलग जलवायु और पैदावार के लिए भिन्न-भिन्न किस्में हैं | जो की इस प्रकार हैं –

  1. रियो डी जेनेरियो
  2. वुल्लूनाटू
  3. अरनाडू
  4. वायनाड लोकल
  5. टफनगिया आदि |

उपयुक्त मिट्टी

अगर किसी के लिए किसी भी उपजाऊ मिट्टी का उपयोग कर सकते हैं | परंतु यह ध्यान रहे कि वह मिट्टी ज्यादा सख्त और कठोर ना हो क्योंकि अगर मिट्टी कठोर होगी तो वह अदरक को बढ़ाने में रुकावट पैदा करेगी और पैदावार में भारी गिरावट मिलेगी |

अदरक की खेती (Adarak ki kheti)के लिए ऐसी भूमि का इस्तेमाल करें जहां पर ज्यादा देर तक पानी रुक ना पाए क्योंकि अगर पानी रुक रहेगा तो आपकी फसल बहुत ही जल्दी ख़राब हो जाएगी | अदरक की खेती (Adarak ki kheti) करने वाली भूमि का PH मान 6 से 6.5 के बीच हो अदरक की खेती करने के लिए हर वर्ष उसी भूमि का इस्तेमाल न करें |

खेत की तैयारी

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) के लिए खेत की तैयारी का सबसे सही समय मार्च से अप्रैल का महीना होता है | जिसमें आप पहले खेत की अच्छे से गहरी जुताई करके मिट्टी पलट हल से मिट्टी को पूरी तरह पलट दें और धूप लगने के लिए छोड़ दें|

इस मिट्टी को मई के महीने में रोटावेटर से जुताई करके अच्छी से भुरभुरी बना लें, फिर उसमें गोबर की खाद और जैविक कंपोस्ट तथा नीम की खाली को एक ही अनुपात में मिलाकर खेत में डाल दे और खेत की अच्छे से दो से तीन बार आड़ी तिरछी जुताई कर लें और फिर खेत को अच्छी तरह से समतल कर लें | इसके बाद खेत में छोटी-छोटी तैयारी का निर्माण कर लें |

अदरक के बीज की मात्रा

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) के लिए 8 से 9 महीने वाली फसल में पौधों को चयन करके करना चाहिए | जिसका वजन 25 से 30 ग्राम हो और इसकी लंबाई 2.5 से 5 सेंटीमीटर हो | जिन अदरक के प्रकंद में लगभग तीन से चार गांठें हों उन्ही प्रकंद का चयन करना चाहिए |

अदरक के बीच को बोने से पहले शोधित करने की जरूरत होती है इसलिए बीज को मैंकोजेव फफूंदी से उपचारित करके शोधित कर लेना चाहिए | इससे अदरक के बीजों में फफूंद नहीं लगता है |

अदरक की खेती (Adarak ki kheti) के लिए 20 से 25 कुंतल प्रति हेक्टेयर की दर से अदरक का बीज लगता है जो कि मैदानी भागों में 15 से 18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से बीच लगते हैं और बीजों का चयन जलाबयु पैदावार, प्रजाति और क्षेत्र के अनुसार करना ना चाहिए |

बुवाई का समय

Adarak ki kheti- उत्तर भारत में अदरक की बुवाई के लिए सबसे अच्छा महीना अप्रैल से जून तक होता है | इसकी बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त महीना 15 से 30 मई तक होता है तथा उत्तर भारत में 15 जून के बाद मानसून आ जाता है |

जिसके कारण 15 जून के बाद बुवाई करने पर अदरक के प्रकंद सड़ने लगते हैं और उनका अंकुरण अच्छा नहीं होता तथा दक्षिण भारत में अदरक की बुवाई अप्रैल से मई के बीच कर दी जाती है, जो कि दिसंबर महीने में हार्वेस्टिंग के लिए परिपक्व हो जाता है | केरल में अदरक की बुवाई के लिए अप्रैल महीने का प्रथम सप्ताह सबसे उचित होता है |

इस समय बुवाई करने पर अदरक की पैदावार काफी अच्छी होती है | अधिक सिंचाई वाले क्षेत्रों में फरवरी महीने में अदरक की बुवाई करने पर अच्छी उपज प्राप्त होती है तथा उसमें 80% प्रकंद के उगने में वृद्धि देखी गई है पहाड़ी क्षेत्र में 15 मार्च के बाद बुवाई कर देने पर अदरक की पैदावार अच्छी मिलती है जिससे किसानों को काफी ज्यादा मुनाफा मिलता है |

कटाई और खेती में मुनाफा

अदरक की फसल को तैयार होने में 8 से 9 महीना लगता है | जब अदरक की फसल पक जाती है तो इसकी पौधों की वृद्धि रुक जाती है और पौधे पीले होकर सूखने लगते हैं तो आपको समझ जाना है कि आपकी फसल खोदने योग्य हो गई है |

अदरक की फसल में लगभग 150 से 200 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से पैदावार मिलती है | एकड़ के हिसाब से 120 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से पैदावार होती है और एक एकड़ में लागत की बात की जाए तो लगभग 120000 की लागत आएगी वहीं अदरक की न्यूनतम रेट आपको 40 से ₹50 आसानी से मिल जाएगा |

तो ₹40 की दर से आपको एक एकड़ में लगभग 4 से 5 लाख की आमदनी होगी जो कि सारे खर्चे निकालने पर 1 एकड़ में आपको 2.5 से ₹3 लाख की बचत होगी |

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